देहरादून

एटीएम में काली पट्टी लगाकर पैसे उड़ाने वाले गिरोह के सरगना समेत 4 शातिर गिरफ्तार, 2 की तलाश जारी

राजेश कुमार देहरादून प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(राजेश कुमार) देहरादून/डोईवाला। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश के बाद अब उत्तराखंड में भी घूमने आने के बहाने जनपद के सुनसान क्षेत्रो के एटीएम में काली पट्टी लगाकर पैसे उड़ाने वाले एक गिरोह का डोईवाला पुलिस द्वारा खुलासा करते हुए गैंग के सरगना समेत 4 अभियुक्तो को गिरफ्तार किया है। अभियुक्तो द्वारा पैसे निकालने वाले स्थान पर काली फाइबर के पट्टी लगाई जाती थी,जिससे पैसे निकालने आये व्यक्ति के खाते से पैसे कट जाते थे किंतु पट्टी की वजह से एटीएम में रह जाते थे,जिसे अभियुक्तो द्वारा मौका देखकर एटीएम खोलकर निकाल लिया जाता था। अभियुक्तो द्वारा डोईवाला क्षेत्र के एटीएम से चोरी किये गए 2 लाख 70 हज़ार रुपये भी पुलिस ने बरामद किए है। अभियुक्तो के दो साथी फरार है।

पुलिस कप्तान दिलीप सिंह कुंवर ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक डोईवाला को कल शनिवार को एक विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली कि डोईवाला क्षेत्र में दिल्ली व हरियाणा नंबर की दो गाड़ियो में सवार होकर आए कुछ युवकों द्वारा क्षेत्र के एटीएम से पैसे चोरी किये जा रहे है। उक्त टिप पर प्रभारी डोईवाला द्वारा अपनी टीम को तैयार करते हुए क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाते हुए उपरोक्त दिल्ली व हरियाणा की गाड़ियों पर खासतौर पर चेकिंग करने के आदेश के तहत सौंग नदी पुल के पास स्थित डिग्री कालेज, डोईवाला पर भेजा। पुलिस टीम द्वारा चेकिंग के दौरान वाहन हुंडई एसेन्ट संख्या डीएल 4सी एपी 0171 दिखायी दी, जिसको रोककर चेक किया तो उसमें पुलिस को चार व्यक्ति (1) अमित कुमार पुत्र राज गिरी सिहं निवासी-आर जेड आर 110 चाणक्य पैलेस पार्ट 2 थाना डाबडी,जिला जनकपुरी दिल्ली-59 मूल निवासी- ग्राम व पोस्ट महुई, छपरा बिहार, (2) सुनील कुमार झा पुत्र नरेश चन्द्र निवासी-म0न 247 गली न0 22 श्यामबिहार कालोनी थाना छावला जिला नजफगढ़, दिल्ली मूल निवासी ग्राम बनिडोल, मधुबनी बिहार, (3) शिवम सिहं पुत्र पंकज सिहं निवासी छ. 104 भगवती गार्डन एक्सटैंशन गली न0 15 उत्तम नगर थाना उत्तम नगर, नई दिल्ली, (4) हनी पुत्र महिपाल सिहं निवासी द्धारिका मोड 55 फुटा नवादा हाउसिगं काम्पलेक्स आर-3 10 3 फ्लोर-5 थाना मोहनगढ जिला मोहनगढ,दिल्ली सवार थे। पुलिस टीम द्वारा उनकी गाड़ी की चेकिंग करने पर उक्त कार के डैशबोर्ड से 2 लाख 70 हज़ार रुपये बरामद किये। जिसके संबंध में पूछने पर युवकों द्वारा पुलिस टीम के सामने गोलमोल बातें बनाने लगे।

पुलिस द्वारा युवकों से सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि वह सभी दिल्ली के निवासी है, और वह सभी एटीएम में काली पट्टी लगाकर जालसाजी से लोगो के पैसे चुरा लेते है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा कोतवाली डोईवाला क्षेत्र मे 05 एटीएम मे जालसाजी कर एटीएम मे काले रंग की फाईबर की पट्टी लगाकर पैसे चोरी किये है। पुलिस टीम ने अभियुक्तो के पास से एटीएम में लगाये जाने वाली काली पट्टी,एटीएम खोलने हेतु 04 चॉबी, 05 एटीएम कार्ड भी बरामद किए। अभियुक्त जिस वक्त गिरफ्तार हुए उस वक़्त भी उनके द्वारा डोईवाला मे चार-पांच एटीएम में लगाई गई काले रंग की पट्टी को निकालने के लिए जा रहे थे, किन्तु उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।अभियुक्तो से एटीएम का पैसा व चोरी के लिए प्रयुक्त किये जाने वाले सामान भी बरामद होने पर कोतवाली डोईवाला द्वारा चारो अभियुक्तो के खिलाफ धारा 454, 420, 380, 411 व 34 आईपीसी में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया।अभियुक्तो के दो साथी नवाब व सौरभ घटना में इस्तेमाल दूसरी गाड़ी एचआर 55 ए आर 9294 स्विफ्ट डिजायर के साथ फरार है।

पुलिस कप्तान ने बताया कि वे सभी दिल्ली उत्तराखंड मे घूमने के बहाने आकर ऐसे एटीएम की रेकी व तलाश करते है जो शांत जगह हो और जहां कोई गार्ड न हो तथा मौका देखकर एटीएम निकालने वाली जगह पर एक काले रंग की 9-10 इन्च लम्बी व 2 इन्च चौडी काले रंग की फाईबर की पट्टी लगा देते है, जिससे कोई व्यक्ति जब एटीएम से रूपये निकालता है तो रूपये उसके खाते से तो कट जाते है पर एटीएम से बाहर नही आ पाते तथा एटीएम मे ही फंस जाते है। अभियुक्तो मे से एक व्यक्ति एटीएम अन्दर बने केबिन मे पहले से ही छुपा रहता है तथा रूपये निकालने वाले व्यक्ति के बाहर जाते ही अपने पास उपलब्ध मास्टर-की (नकली चॉबी) सेएटीएम खोलकर एटीएम मे फंसे रूपये निकाल लेता है तथा उसके बाद पुनः उक्त काली पट्टी को पहले की तरह अगली जालसाजी करने को लगा देता है। शेष अभियुक्त एटीएम के बाहर आने जाने वाले रास्तों पर नज़र रखते है। पुलिस कप्तान बताया की पकड़े गए अभियुक्तो का गैंग लीडर अमित कुमार है जोकि 10वीं पास है और दिल्ली में एक सीएससी सेन्टर चलाता है। वह वर्ष 2010-2011 में दिल्ली में एटीएम में मे कैश डालने वाली कम्पनी ब्रिगंस आर्या मे काम करता था,जिसके चलते ही उसे एटीएम में कैश डालने व निकालने की प्रक्रिया पता है। उसके द्वारा ही एटीएम से कैश निकलने वाली जगह को किसी चीज से बंद करने की योजना आयी थी। उन्होंने बताया कि अभियुक्त अमित एक बार राजस्थान गया था जहां उसे एक एटीएम में एक चाबी मिली, जिसे उसने ले लिया था। जिसके बाद उसने उसी कंपनी के एटीएम मशीन ढूंढी और वह चाबी उसपर लगाई तो वह लग गयी और वह एटीएम खुल गया । जिसके बाद उसने छब्त् कम्पनी व डायवोर्ड कम्पनी के एटीएम मशीन की चॉबिया तैयार कर ली और पैसे निकालने शुरू किये। अभियुक्त द्वारा दी जानकारी के अनुसार उसने शुरू मे दिल्ली से पैसे निकाले,किन्तु उसे ख्याल आया कि दिल्ली से ही लगातार पैसे निकालने पर वह पकड़ा जाएगा जिसके बाद उसने अपना एक गैंग बनाया और वह चोरी का काम सुनील कुमार झा और अन्य साथियों को भी सिखाया। अभियुक्त के अनुसार उसके द्वारा तीन-चार साल से इस काम के दौरान दिल्ली, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा तथा उत्तराखंड में इस तरह की घटनाओ को अंजाम दिया गया है। उक्त घटना उत्तराखंड में पहली बार की है।

ऐसे करते थे चोरी
अभियुक्तो की योजना के अनुसार वह लोग महीने के द्वितीय शनिवार, रविवार तथा चतुर्थ शनिवार, रविवार को, जब बैको की छुट्टी होती है, तब दिल्ली से निकलते थे और बैंक की 2 दिन की छुट्टी होने के कारण 2 दिनों तक एटीएम में पैसे चोरी करते थे।
उनके द्वारा 8 सितंबर को डोईवाला मे 05 अलग अलग एटीएम मे उक्त फाईबर की काली पट्टी लगायी थी, ताकि जिनके पैसे निकले वह छुट्टी होने के कारण बैंक में न जा सके। 7 सितंबर की रात्रि में अमित अपने साथी नवाब और सुनील झा के साथ गाड़ी संख्या एचआर 55 ए आर 9294 स्विफ्ट डिजायर से दिल्ली से हरिद्वार, ऋषिकेश होते हुए 8 सितंबर की सुबह डोईवाला पहुंचा, जहां इसके साथी हनी, सौरभ और शिवम जो की पूर्व में ही दो-तीन दिन पहले ऋषिकेश, टिहरी गढ़वाल क्षेत्र में आए थे, उनसे डोईवाला में मिला। इसके पश्चात उन्होंने डोईवाला तथा ऋषिकेश क्षेत्रान्तर्गत एटीएम में पट्टी लगाकर धनराशी निकालने की योजना बनाई। उन्होने दो टीम में कार्य किया, जिसमें अमित नवाब और सुनील ने डोईवाला के चार-पांच एटीएम में 8 तथा 9 तारीख में पट्टी लगाकर भिन्न भिन्न व्यक्तियों की धनराशी निकाली तथा इसी प्रकार हनी, सौरभ और शिवम ने ऋषिकेश क्षेत्र में (1) आईडीबीआई (2) एसबीआई (3) यूको (4) आईसीआईसीआई (5) यस बैंक एटीएम में इस तरह की घटनाओं का अंजाम दिया।

एटीएम बदलकर भी करते थे ठगी
पुलिस कप्तान ने बताया कि पकड़े गए अभियुक्त अपने पास भिन्न बैंकों के एटीएम भी रखते हैं तथा कम जानकार लोगों को बातों में उलझाकर इनसे एटीएम भी बदल लेते हैं। तथा बाद में बदले गए एटीएम से धनराशी निकाल लेते हैं, इस तरह उनके द्वारा कुल मिलाकर लगभग 3 लाख से अधिक की धनराशि निकाल ली गई थी, जिसमे से कुछ उनके द्वारा शराब व खाने-पीने आदि मे खर्च कर दी गई है तथा कुछ धनराशि उनके फरार साथी साथी सौरभ व नवाब के पास है, जो दूसरी गाड़ी स्विफ्ट डिजायर संख्या एचआर 55 ए आर 9294 से देहरादून से फरार हो गए है। अभियुक्तो के पास से बरामद दिल्ली संख्या की गाड़ी अभियुक्त हनी की है। घटना का ख़ुलासा करने वाली पुलिस टीम को पुलिस कप्तान देहरादून द्वारा 20 हज़ार रुपये के इनाम की घोषणा की गई है।

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