उत्तराखंड

पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग द्वारा ली गयी सी०एल०जी बैठक

रजत चौहान प्रधान सम्पादक


हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) उत्तराखंड। आज पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग आयुष अग्रवाल द्वारा कोतवाली रुद्रप्रयाग के सी०एल०जी सदस्यों के साथ पुलिस कार्यालय रुद्रप्रयाग सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता की गयी। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुद्रप्रयाग द्वारा विगत में हुई सी०एल०जी गोष्ठी में उठाये गये मुद्दे तथा उन पर की गयी कार्यवाही का विवरण बताया गया। तत्पश्चात आज हुई सी०एल०जी गोष्ठी का शुभारम्भ किया गया। सर्वप्रथम पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग द्वारा उपस्थित सभी सी०एल०जी सदस्यों का स्वागत कर उनसे परिचय प्राप्त किया गया तदोपरान्त स्वयं का परिचय देते हुए संवाद प्रारम्भ किया गया। उपस्थित सभी सी०एल०जी सदस्यों से सुझाव एवं समस्याऐं जानी गयी। वरिष्ठ पत्रकार श्री रमेश पहाड़ी द्वारा अवगत कराया गया कि, तकरीबन 25 वर्ष जनपद रुद्रप्रयाग को बने हुए हो गये हैं तथा तदोपरान्त 22 वर्ष पृथक राज्य उत्तराखण्ड को बने हो गये हैं, परन्तु जनपद का सीमांकन अभी भी अव्यवस्थित है, यहां तक कि, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग एवं पुलिस अधीक्षक, रुद्रप्रयाग के आवास कार्यालय, जनपद न्यायालय इत्यादि सभी राजस्व क्षेत्रान्तर्गत ही हैं तथा इसके अतिरिक्त कुछ थाना क्षेत्र ऐसी जगहों पर हैं, जहां पर निकटवर्ती थाना क्षेत्र से आसान पहुंच हो सकती है। सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती सुशीला बिष्ट द्वारा अवगत कराया गया कि, आकस्मिकता की दशा में कस्बा रुद्रप्रयाग स्थित केदारनाथ तिराहे से वाहनों को मुख्य बाजार में आने दिया जाये। इसी प्रकार से महिला सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा 100 नम्बर पर की गयी कॉल पर काफी लेट रिस्पान्स के सम्बन्घ में अवगत कराया गया। इसी प्रकार से सुझाव प्राप्त हुआ कि, सिरोबगड़ से खांकरा के मध्य पेट्रोलिंग बढ़ाई जाये। अंकुर खन्ना द्वारा आगामी यात्रा के दृष्टिगत जनपद पुलिस के यातायात प्लान के बारे में जानकारी चाही गयी। प्रमोद बगवाड़ी, वरिष्ठ नागरिक जनपद रुद्रप्रयाग द्वारा भी रमेश पहाड़ी द्वारा दिये गये सुझावों को दोहराते हुए बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन की आवश्यकता बतायी गयी। सभी सुझावों को सुनने के उपरान्त पुलिस अधीक्षक, रुद्रप्रयाग द्वारा प्रत्युत्तर में बताया गया कि, उनके आवास तथा जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग के कार्यालय/आवास अर्थात् बेलनी पुल से आगे के क्षेत्र को नियमित पुलिस में लाये जाने हेतु पुलिस विभाग के स्तर से जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग की स्वीकृति सहित प्रस्ताव को पुलिस मुख्यालय प्रेषित किया गया है। इसमें कुछ निकटवर्ती क्षेत्र को कोतवाली रुद्रप्रयाग में लाया जाना है तथा रिपोर्टिंग पुलिस चौकी चोपता (दुर्गाधार वाला क्षेत्र) बनायी जानी प्रस्तावित है। जनपद पुलिस के स्तर से इस ओर निरन्तर प्रभावी पैरवी की जा रही है। इसके अतिरिक्त जनपद के कुछ थानों के आन्तरिक क्षेत्र को पुर्नव्यवस्थित किये जाने एवं अन्य स्थानों को भी नियमित पुलिस क्षेत्र में लाकर पुलिस चौकियां खोले जाने के प्रस्ताव प्रेषित किये गये हैं, जिसमें कि तुंगनाथ चोपता का क्षेत्र भी सम्मिलित है। आकस्मिक रूप से जैसे कि, बीमार व्यक्तियों से सम्बन्धित वाहनों को केदारनाथ तिराहे से मुख्य बाजार रुद्रप्रयाग होते हुए आने देने के सम्बन्ध में उपस्थित प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुद्रप्रयाग और यातायात निरीक्षक रुद्रप्रयाग द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान समय में आकस्मिक सेवा एम्बुलेन्स इत्यादि या निजी वाहनों से लाये जा रहे बीमार व्यक्तियों से सम्बन्धित वाहनों को मुख्य बाजार से होकर जाने दिया जा रहा है। यहां तक कि, जब यातायात का दबाव बिल्कुल कम रहता है, इन परिस्थितियों में अन्य छोटे वाहनों को भी छोड़ा जाता है। पुलिस अधीक्षक, रुद्रप्रयाग द्वारा आश्वस्त कराया गया कि, यात्राकाल में वन-वे संचालन अवधि में भी बीमार व्यक्तियों से सम्बन्धित वाहनों को केदारनाथ तिराहे से अन्दर आने की अनुमति दी जायेगी। सभी उपस्थित सदस्यों से अपेक्षा की गयी कि, वे भी कस्बा रुद्रप्रयाग की यातायात व्यवस्था बनाने में सहयोग देंगे। 100 नम्बर पर की गयी कॉल पर लेट रिस्पान्स के बारे में उपस्थित पुलिस उपाधीक्षक को निर्देशित किया गया कि, इसे चेक करा लें तथा भविष्य में इस प्रकार का कोई प्रकरण न आने पाये। उपस्थित सभी सदस्यों को अवगत कराया गया कि, वर्तमान में 100 नम्बर को 112 पर परिवर्तित किया जा चुका है, यदि आपके द्वारा 100 नम्बर पर भी कॉल की जाती है तो परिवर्तित होकर 112 पर चली जाती है, चूंकि उत्तराखण्ड से सम्बन्धित सारी कॉल्स देहरादून जाती हैं, परन्तु इस प्रकार का सिस्टम व्यवस्थित किया गया है कि, कॉलर द्वारा की गयी कॉल्स के कुछ सेकेण्ड के भीतर ही सम्बन्धित जनपद को अन्तरित कर दी जाती है। जिस पर सम्बन्धित जनपद से नजदीकी थाना, चौकियों को सूचना प्रेषित कर दी जाती है। सिरोबगड़ खांकरा से सम्बन्धित समस्याओं के दृष्टिगत अवगत कराया गया कि, इस क्षेत्र के दूर होने के कारण उनके द्वारा अस्थायी तौर पर चौकी जवाड़ी बाईपास का सृजन किया गया है, साथ ही इस क्षेत्र में भी नियमित रूप से पेट्रोलिंग करवाये जाने के निर्देश उपस्थित प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली रुद्रप्रयाग को दिये गये। बाहरी व्यक्तियों एवं व्यवसायियों से सम्बन्धित मुद्दे पर पुलिस अधीक्षक, रुद्रप्रयाग द्वारा अवगत कराया गया कि, इनके सत्यापन का काम पुलिस का है तथा पुलिस द्वारा निरन्तर बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों की भी जिम्मेदारी बनती है कि, वे उनके यहां किराये पर रखे बाहरी लोगों का सत्यापन नजदीकी पुलिस स्टेशन के माध्यम से करायें साथ ही इस कार्य को उत्तराखण्ड पुलिस की वेबसाइट के माध्यम से आनलाइन भी कर सकते हैं। यह भी स्पष्ट किया गया कि, बाहरी व्यक्तियों के व्यवसाय करने को पुलिस के स्तर से रोक नहीं लगायी जा सकती। और न ही ऐसा करने का कोई कारण भी बनता है, हां पुलिस के स्तर से निरन्तर सत्यापन अवश्य किया जा सकता है, जिसे कि, पुलिस के स्तर से किया जा रहा है। यातायात व्यवस्था के मुद्दे पर बोलते हुए पुलिस अधीक्षक, रुद्रप्रयाग द्वारा उपस्थित प्रभारी निरीक्षक रूद्रप्रयाग को निर्देशित किया गया कि, इस सम्बन्ध मेंं स्थानीय व्यापार मण्डल की अलग से बैठक करा ली जाये, वाहनों के कस्बे में प्रवेश किये जाने के सम्बन्ध में लचीला रूख अपनाये जाने पर सहमति जताई गयी तथा इससे सम्बन्धित मुद्दों पर पृथक से चर्चा किये जाने पर सहमति बनी। इसके अतिरिक्त सड़कों एवं सड़क किनारे अनावश्यक अतिक्रमण न किये जाने की अपील की गयी। ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत बनी सड़क किनारे नालियों के ऊपर रेलिंग इत्यादि पर पैदल व्यक्तियों द्वारा आवागमन किया जा सकता था, परन्तु इन पर अतिक्रमण हो जाने से लोगों को भी काफी दिक्कतें हो रही हैं। हालांकि पहाड़ों में पार्किंग की समस्या जरूर है, कस्बे की यातायात व्यवस्था सही किये जाने हेतु विगत वर्ष कस्बे के कुछ हिस्से को नो पार्किंग जोन के रूप में चिन्हित भी किया गया था, इस हेतु स्थानीय स्तर से भी सहयोग आवश्यक है। पुलिस का उद्देश्य यह भी नहीं है कि, चालान कर राजस्व वसूला जाये। यदि लोग स्वयं ही जागरुक रहेंगे तो व्यवस्था बनने में भी आसानी रहेगी। पुलिस अधीक्षक, रुद्रप्रयाग द्वारा सभी सदस्यों को अवगत कराया गया कि, वर्तमान समय में जहां ऑनलाइन बैंकिंग का क्रेज बढ़ा है, वहीं साइबर ठगी के दिन प्रतिदिन काफी प्रकरण आ रहे हैं। पहले तो जागरुक और सतर्क रहना है कि, साइबर ठगी न हो यदि किन्हीं कारणो से हो भी जाती है तो तत्काल 1930 पर कॉल किये जाने हेतु बताया गया। साइबर अपराधों के प्रति पुलिस के स्तर से पर्याप्त जन जागरुकता कार्यक्रम भी चलाये जाते रहते हैं। अवगत कराया गया कि, नगर की सुदृढ़ व्यवस्था हेतु अपने प्रयासों व स्थानीय जिला प्रशासन के सहयोग से सीसीटीवी कैमरे भी लगवाये गये हैं, जिनसे कुछ न कुछ लाभ अवश्य मिल रहा है। पिछले वर्ष कस्बा रुद्रप्रयाग में ज्वैलर्स के यहां हुई चोरी तथा हाल ही में ऊखीमठ क्षेत्रान्तर्गत हुई चोरी में भी सीसीटीवी की मदद से चोरों को पकड़ने में सफलता मिली है। उपस्थित व्यापारियों से अपील की गयी कि, वे लोग भी सामूहिक रूप से अपने प्रतिष्ठानो के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवा सकते हैं। उपस्थित सभी सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित कर बैठक समाप्त की गई।‌
आज हुई इस बैठक के अवसर पर सर्व श्री रमेश पहाड़ी वरिष्ठ पत्रकार, जितार सिंह रावत वरिष्ठ नागरिक/व्यवसायी, प्रदीप बगवाड़ी वरिष्ठ नागरिक, अब्दुल रहीम व्यवसायी, चन्द्रमोहन सेमवाल व्यापार मण्डल अध्यक्ष, अंकुर खन्ना, माधो सिंह पूर्व व्यापार मण्डल अध्यक्ष/व्यवसायी, लक्ष्मण सिंह बिष्ट, कोषाध्यक्ष व्यापार मण्डल एवं उत्तराखण्ड पुलिस डिजिटल वॉलिण्टियर्स, सलीम अहमद, बुद्वि बल्लभ ममगाईं, हरि सिंह पंवार, भरत लाल, श्रीमती सुशीला बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता सहित पुलिस विभाग रुद्रप्रयाग से पुलिस उपाधीक्षक, ऑपरेशन्स, सुश्री हर्षवर्द्धनी सुमन, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुद्रप्रयाग जयपाल सिंह नेगी, निरीक्षक यातायात श्याम लाल, वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रदीप सिंह चौहन, उपनिरीक्षक सोनल रावत, मीडिया सैल प्रभारी/प्रभारी आशुलिपिक नरेन्द्र सिंह इत्यादि उपस्थित रहे।

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