देहरादून

महिला सुरक्षा के प्रति उत्तराखण्ड पुलिस संवेदनशील: डीजीपी अशोक कुमार

रजत चौहान/मोहम्मद आरिफ

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान/मोहम्मद आरिफ) देहरादून। उत्तराखंड के आईपीएस डीजीपी अशोक कुमार ने महिलाओं के विरूद्ध होने वाले बलात्कार, छेड़खानी एवं पोक्सो एक्ट के मामलों की जांच करने वाली महिला अधिकारियों, उपनिरीक्षक से पुलिस उपाधीक्षक हेतु पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ किया है। कार्यशाला में प्रदेश के समस्त जनपदों से कुल 125 महिला अधिकारियों, उपनिरीक्षक 116, निरीक्षक- 2 से पुलिस उपाधीक्षक 7 ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला का शुभारम्भ करते हुए। डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि महिला सुरक्षा के प्रति उत्तराखण्ड पुलिस संवेदनशील है। निर्भया केस के बाद महिला सुरक्षा सम्बन्धी कानूनों में काफी परिवर्तन हुए हैं साथ ही कई नए कानून बने हैं। आईपीसी, सीआरपीसी एवं साक्ष्य अधिनियम सभी में काफी परिवर्तन आये हैं। इन सभी का विवेचकों को पूरा ज्ञान हो इसके लिए यह कार्यशाला आयोजित की जा रही है। जिससे उन्हें इन कानूनों की सही जानकारी हो। उन्होंने कहा कि महिलाओं के विरूद्ध होने वाले बलात्कार, छेड़खानी एवं पोक्सो एक्ट के मामलों की जांच, विवेचना महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा ही की जाती है। इसलिए हमारे पुलिस अधिकारी एवं विवेचक पीडित के प्रति संवेदनशील हो। BPR&D (Bureau of Police Research and Development) द्वारा इन कानूनों एवं महिला अपराधों की विवेचना के सम्बन्ध में पूर्व में एवं नवीनतम जारी एस०ओ०पी की जानकारी हर विवेचक तक पहुंचे और उसका वह अनुपालन करे।पुलिस का कार्य पीडित मदद करना, उसे न्याय दिलाना और कानून के अनुसार कार्य करना है।

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