हरिद्वार

जानवरों के प्रति क्रूरता की मानसिकता रखने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करें प्रशासन: निधि सेन

मोहम्मद आरिफ उत्तराखंड क्राइम प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। भारतीय संविधान हर नागरिक को जीने का अधिकार देता है यह बात आपने कई बार सुनी होगी। लेकिन भारत के संविधान ने जानवरों को भी जीवन जीने की आजादी दी है। अगर इनके जीवन को बाधित करने का कोई प्रयास करता है तो इसके लिए संविधान में कई तरह के दंड़ के प्रावधान भी हैं। इतना ही नहीं जानवरों को मारने, घायल करने या उनके साथ क्रूरता भरा व्यवहार करने पर जेल भी हो सकती है। लेकिन अधिकतर कानून को नजरअंदाज का जानवरों पर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं। जानवरों के प्रति दया, प्रेम जैसे शब्द कहीं खत्म से गए हैं। जीवन की भाग दौड़ और अपने स्वार्थ में इंसान इतना खो गया है कि इन बेजुबान जानवरों का दर्द भी महसूस नहीं कर पा रहा है। हालांकि प्रत्येक व्यक्ति को जानवरों के प्रति प्रेम, दया भाव रखनी चाहिए। और मानवता का यही धर्म है। प्राचीनकाल में भी देवी-देवता के साथ किसी न किसी पशु पक्षी का संबंध होना, पशु संरक्षण का प्रतीक है। हमें पालतू पशुओं के साथ साथ लावारिस जानवरों का भी ख्याल रखना चाहिए। लेकिन अधिकतर व्यक्ति इसके विपरीत जा रहा है। जानवरों पर अत्याचार करना इंसान का शौक बन गया है। जानवरों के प्रति क्रुरता अपनाने वालो के लिए संविधान में कड़े कानून होने के बावजूद भी अधिकतर कानून की धज्जियां उड़ाई जाना गंभीर विषय है। या यूं भी कहा जा सकता है कि कानून के रखवालों की ढीली लचक बेजुबान जानवरों पर अत्याचार करने वाले व्यक्तियों का मनोबल बढ़ा रही है। क्योंकि कानून में भी जानवरों को जीवन जीने की आजादी है फिर भी उनकी आजादी पर अंकुश लगाया जाता है और उन पर अत्याचार किया जाता है। आखिर जानवरों के प्रति क्रूरता का व्यवहार करने वाले व्यक्तियों पर प्रशासन का अंडा कमजोर क्यों है। अगर प्रशासन जानवरों के प्रति क्रूरता रखने वाले व्यक्तियों पर, सही समय पर सख्त शिकंजा कसे, तो एक हद तक जानवरों पर अत्याचार रुक सकते हैं। वहीं अगर बात सरकार की कि जाए तो सरकार जानवरों के संरक्षण के लिए लाखों रुपए खर्च करती है। लेकिन यह पैसा सही दिशा में न लगकर इसका दुरुपयोग किया जाता है। कई सरकारी संस्थाने, गैर सरकारी संस्थानें जानवरों की देखभाल में लगी है। जिसका सरकार की ओर से पैसा भी मिलता है लेकिन पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। धरातल पर कोई भी कार्य जानवरों के हित में देखने को नहीं मिलता है। केवल अखबारों में सुर्खियों बटोरने के लिए फोटो चिपकवा ली जाती है। जो देश के कानून के लिए बहुत ही गंभीर विषय है। वही जानवरों के प्रति क्रूरता का एक और गंभीर मामला नगर पालिका शिवालिक नगर का प्रकाश में आया है। जिसकी एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल भी हो रही है। इस वायरल वीडियो के दृश्यों में कुछ लोग कुत्तों को जाल से पकड़कर उन्हें क्रूरता से बोरी में भरकर एक टेंपो में डालते दिखाई दे रहे हैं।जानवरों के प्रति इस क्रुरता भरे व्यवहार पर कुछ स्थानीय लोग इसका विरोध भी कर रहे हैं। लेकिन वह लोग अपनी हठधर्मिता पर उतारू है और कुत्तों को जबरदस्ती जाल से पकड़ कर बोरों में भर कर टैंपू में डालने का प्रयास कर रहे हैं। वीडियो वायरल का यह दृश्य उनके निर्दयी, बेरहम और अत्याचारी होने का परिचय दे रहा है। जिसकी चारों ओर घोर नींदा की जा रही है। वही जानवरों के प्रति विशेष लगाव रखने वाली निधि सेन ने इसका कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए बताया कि
उनके पति और व स्वयं लगभग 17 वर्षों से कुत्तों की सेवा में लगे हैं। क्योंकि इनको भी भगवान ने बनाया है और यह भी सुख दुख महसूस कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पति सड़कों से घायल और बीमार मिलने वाले कुत्तों का घर पर लाकर उपचार करने के साथ-साथ उनके अच्छे खाने की व्यवस्था भी करते हैं। लेकिन जिस तरह से आए दिन नगर पालिका शिवालिक नगर क्षेत्र में कुत्तों के साथ क्रूरता जैसा व्यवहार हो रहा है यह बहुत ही निंदनीय है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन के उच्चधिकारी आवारा कुत्तों के लिए एक योजना बनाएं, इनकी रेख देख के लिए कर्मचारी युक्त करें, इनके खाने पीने की अच्छी व्यवस्था की जाए और इनके लिए एक जगह सुनिश्चित करें। जिससे इन बेजुबान जानवरों की देखभाल हो सके। क्योंकि आए दिन यह जानवर उत्पीड़ना के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने शासन प्रशासन से बेजुबान कुत्तों पर अत्याचार करने वाले दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने की गुहार भी लगाई है और सुबे के डीएम और एसएसपी को लिखित शिकायत दर्ज करा कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही के साथ-साथ अपनी सुरक्षा की भी मांग की है क्योंकि उनका कहना है कि उनके परिवार को भी ऐसे निर्दई लोगों से खतरा बना हुआ है। वही शिवालिक नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष विभास सिन्हा ने भी जानवरों के प्रति क्रूरता भरे व्यवहार पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने जनपद में बैठे उच्चधिकारियों से बेजुबान जानवरों के प्रति क्रूरता की मानसिकता रखने वाले लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।

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