रुड़की

राजकीय इंटर कॉलेज के पूर्व कला शिक्षक इब्नुल हसन के निधन पर गणमान्य लोगों ने जताया शोक

इमरान देशभक्त रुड़की प्रभारी

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(इमरान देशभक्त) रूडकी। राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) रुड़की के पूर्व कला शिक्षक मास्टर इब्नुल हसन के निधन पर नगर के शिक्षक समुदाय और समाजसेवियों ने शोक व्यक्त किया है। नगर के सबसे वरिष्ठ शिक्षक मास्टर इब्नुल हसन का 95 वर्ष की आयु में मोहल्ला सोत, सब्जी मंडी स्थित उनके निवास पर निधन हो गया था, जिस पर नगर के शिक्षक समुदाय, बुद्धिजीवियों, समाजसेवी संगठन के लोगों ने संवेदना व्यक्त की है।मेयर गौरव गोयल ने कहा कि एक आदर्श शिक्षक सूर्य और चंद्रमा की तरह होता है, जो बिना किसी भेदभाव के सभी के लिए प्रकाश और ऊर्जा प्रदान करता है। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल शर्मा ने दिवंगत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए बताया कि 1966 में स्व. इब्नुल हसन राजकीय इंटर कालेज रूडकी में कला शिक्षक के रूप में नियुक्त हुए थे और 1987 तक इक्कीस वर्ष रुड़की में ही सेवा करते रहे।रूडकी से पूर्व सोलह वर्ष तक ज्वालापुर सेवारत रहे। उन्होंने बताया कि जीआईसी रूडकी के मेन गेट पर जो आज तक भारत और विश्व का मानचित्र स्थापित है, वह मास्टर इब्नुल हसन जी का बनाया हुआ है। उनके शिष्य रहे डॉ० विनय ने बताया कि मास्टर इब्नुल हसन के हजारों शिष्य आज भी सरकारी उच्च पदों पर हैं,जिनमे अनेक आईपीएस, आईएएस, इंजीनियर, डॉक्टर व शिक्षक मौजूद है। उनके पुत्र शकील अहमद ने बताया कि उनके पिता इब्नुल हसन ने रिटायर होने के बाद भी 94 वर्ष की आयु तक अपने घर पर कला और उर्दू की निशुल्क शिक्षा दी। उनका जन्म 1934 को बदायूं में हुआ था और 1964 से रूडकी में स्थाई रूप से निवास कर रहे थे। उनके शिष्यों में एक दर्जन हिन्दू भाई उर्दू अध्यापक के रूप में आज भी सेवा कर रहे हैं। उनके निधन पर पूर्व विधायक सुरेश चंद जैन व पूर्व विधायक काजी निज़ामुद्दीन, विधायक सरवत करीम अन्सारी, महिला नेत्री रश्मि चौधरी, शायर फजल मंगलौरी, ईश्वर लाल शास्त्री, इंजी० मुजीब मलिक, पार्षद संजीव टोनी, पूर्व पार्षद दिनेश शर्मा, डॉ० नैय्यर काजमी आदि ने शोक जताया है।

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