हरिद्वार

गंगा के धरती पर कपिल मुनि के आश्रम में पहली बार अवतरण का पर्व मकर सक्रांति: डॉ० शिवकुमार चौहान

नीटू कुमार हरिद्वार सवांददाता

हरिद्वार की गूंज (24*7)
(नीटू कुमार) हरिद्वार। गुरूकुल कांगडी समविश्वविद्यालय के एसोसियेट प्रोफेसर डॉ० शिवकुमार चौहान का कहना है कि मकर संक्रान्ति हिन्दुओ की आस्था का एक प्रमुख त्योहार है। गंगा स्नान के साथ मन और आत्मा की शुद्वि के इस पर्व पर अनेक पौराणिक कथाये प्रचलित है। साथ इस दिन सूर्यदेव धनु राशि से निकलकर मकर राशि मे प्रवेश करते है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन राजा भगीरथ ने तपस्या के बल तथा भगवान आदि महादेव शिव-शंकर की जटा से धीमी धारा के रूप में गंगा जी को धरती पर लेकर पहुॅचे थे, और राजा सगर जी के 60 हजार पुत्रों को कपिल मुनि के श्राप से मुक्ति दिलाई थी। सरल-सलीला पतित पावनी मां गंगा के धरती पर प्रथम बार कपिल मुनि के आश्रम मे आने का दिन मकर संक्रान्ति था। तभी से यह पर्व श्राप-सन्ताप आदि को दूर करने तथा गंगा स्नान की दृष्टि महत्वपूर्ण है। इस दिन किया गया दान पुण्य अक्षुण्य होता है अर्थात इसका कभी भी हरास नही होता है। मकर संक्रान्ति के दिन भगवान सूर्य देव की खास पूजा अर्चना की जाती है, जिससे सुख-समृद्वि आती है। इसदिन घरो मे खिचडी बनाई जाती है। कोरोना के बढते संक्रमण के कारण राज्य सरकार तथा प्रशासन को सख्ती अपनानी पड रही है। लेकिन लोगों को भी सरकार के इस प्रतिबंध का समर्थन करना चाहिये क्योकि जान है तो जहान है। तथा शरीर स्वस्थ्य रहेगा तो कर्म करने का अवसर भी मिलता रहेगा।

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